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Sunday, June 22, 2008

२२ साल बाद तलाक?

एक तलाक का निणॅय में २२ वर्ष लग गए। नई दिल्ली के मुखर्जी नगर के निवासी श्री शैलेन्द्र ने हिंदू विवाह अधिनियम के तहत १९८५ में तलक की अर्जी दी थी। आखिरकार २२ साल बाद उन्हें तलक मिल ही गया। दोनों पति पत्नी २२ सालो से अलग रह रहे थे। यदि उन्हें तलाक लेने के बाद दूसरी शादी करनी होती तो २२ साल के बाद तो सारे अरमान धरे के धरे रह गए होंगे। क्या ऐसा नही हो सकता की न्याय जल्दी हो जाता और दोनों में से जो कोई भी दूसरा विवाह कर दांपत्य जीवन के सुख के लिए पुनर्विवाह कर सकता? मेरे हिसाब से जब शादी १ दिन में हो सकती है तो तलाक के लिए इतना लंबा समय क्यों? पूरी कहानी यहाँ पढ़े >>

5 comments:

श्रद्दा जैन said...

hahaha sach hai sahi hai 22 saal
fir bhi khair hai ki 22 saal main to mila hai pata nahi kab sudhrega sab

P. C. Rampuria said...

आपने बडा जायज सवाल उठाया है ..
कानून बदलना चाहिए | पर कुछ तो हम लचर हैं और कुछ हमारा कानून |
है कोइ आगे आने को तैयार ?

SUNIL DOGRA जालि‍म said...

आपकी कलम में दम है. नियमित लिखते रहिये.. हाँ, अपने ब्लॉग का शीर्षक देवनागरी में लिखें शुभकामनायें

एक और बात, टिप्पणी से वर्ड वेरिफिकेशन हटा लें

Udan Tashtari said...

हिन्दी चिट्ठाजगत में आपका स्वागत है. नियमित लेखन के लिए मेरी हार्दिक शुभकामनाऐं.

वर्ड वेरिपिकेशन हटा लें तो टिप्पणी करने में सुविधा होगी. बस एक निवेदन है.

Amit K. Sagar said...

बहुत ही अच्छा साथ ही ब्लॉग डिजायन बहुत अच्छी लगी. लिखते रहिये. शुभकामनाएं.
कृपया हमें भी बताएं, टेम्पलेट का कोड व् कैसे हम इस तरह के वेब पेज को उपलोड कर सकते हैं.
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उल्टा तीर